Surya Namaskar Yoga makes the Body Iron

योग एक प्राचीन भारतीय प्रथा है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयुक्त होती है। योग के अनेक आसन हैं जो शरीर को स्वस्थ और कुशल बनाने में मदद करते हैं, और उनमें से एक महत्वपूर्ण आसन है ‘सूर्य नमस्कार’। सूर्य नमस्कार योग का प्रायः उपयोग शरीर को लोहा बनाने के लिए बताया जाता है।

सूर्य नमस्कार क्या है?

सूर्य नमस्कार एक श्रृंगारिक और आध्यात्मिक प्रक्रिया है जिसमें कई आसनों का संयोजन किया जाता है। यह आसन शरीर के सभी हिस्सों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और शरीर की लोहा उपासना को बढ़ावा देते हैं।

सूर्य नमस्कार कैसे करें?

सूर्य नमस्कार करने के लिए निम्नलिखित कदमों का पालन करें:

  1. प्रारंभिक स्थिति में खड़ें: यह सभी आसनों की शुरुआती स्थिति है। पैरों को एक साथ मिलाएं और हाथों को आपके सिर के पीछे जोड़ें।
  2. हस्त पादासन: सांस अंदर लेते हुए उन्हें सिर के समीप ले जाएं और पैरों को पीछे की ओर धकेलें।
  3. आश्वासन: अब पूर्व स्थिति में लौटें और एक पैर को आपके कंधों के साथ मिलाएं। दूसरे पैर को पीछे बढ़ाएं और अपने हाथों को आपकी सीने के पास ले जाएं।
  4. पर्वतासन: हाथों को बढ़ाकर उच्च पोजिशन में ले जाएं और पैरों को पीछे की ओर धकेलें। इससे आपकी शरीर की पूरी मांसपेशियाँ संवेदनशील होती हैं।
  5. आश्वसंचालनासन: अपने दोनों पैरों को पीछे बढ़ाएं और शीर्षक की ओर ले जाएं, इससे पूरी कमर को संवेदनशील होने में मदद मिलती है।
  6. उत्तानपादासन: पैरों को पीछे की ओर धकेलें और सीने को बाहर की ओर निकालें, इससे शरीर की नीति को मजबूती मिलती है।
  7. भुजंगासन: पूरी बड़ी सीने को ऊपर उठाएं और मुखवासना में आएं, यह आसन पूरी शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाता है।
  8. पर्वतासन: फिर से पर्वतासन में आएं और दोनों पैरों को पीछे की ओर धकेलें।
  9. आश्वसंचालनासन: पूरी कमर को संवेदनशील होने में मदद मिलने पर दोनों पैरों को पीछे बढ़ाएं।
  10. आश्वासन: अब आश्वसंचालनासन में आकर बैठ जाएं और फिर प्रारंभिक स्थिति में लौटें।

सूर्य नमस्कार के लाभ:

  1. शरीर को लोहा बनाने में मदद: सूर्य नमस्कार में होने वाले आसन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और उन्हें लोहा बनाने की प्रक्रिया में मदद करते हैं।
  2. शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार: सूर्य नमस्कार आसन से शारीर की सामर्थ्य बढ़ती है और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
  3. मानसिक शांति: सूर्य नमस्कार में शान्ति और स्थिरता के आसन होते हैं जिनसे मानसिक तनाव कम होता है।
  4. प्राणायाम शक्ति में वृद्धि: सूर्य नमस्कार प्राणायाम की शक्ति में वृद्धि करते हैं और आत्म-संयम में सहायक होते हैं।

**नोट: यह ब्लॉग केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और किसी भी प्रकार की नई या पुरानी बीमारी के लिए स्वयं उपचार करने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।

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